
नूरपुर (कांगड़ा)। विकास खंड नूरपुर की पंचायत अघार के गांव टुंड के बाशिंदे तीन महीने से पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। गरमी के मौसम में प्राकृतिक स्रोत सूखने के कगार पर हैं। ऐसे में पीने के पानी के एकमात्र सहारे आईपीएच विभाग के नलों ने भी लोगों को धोखा देना शुरू कर दिया है। पिछले करीब तीन माह से लोगों को विभाग के नलों से नियमित पानी नहीं मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि यहां तीसरे दिन कुछ समय के लिए ही पानी की सप्लाई आ रही है इससे गांववासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी मनोहर लाल, रविंद्र लाल, ओम प्रकाश, असलम अली, मंशा अली, जाकिर हुसैन, निर्मला देवी, सुमना देवी, रेणू बाला, चंद्रकांता, किरण देवी, दीपक, आलोक, वंश शर्मा, पिंकी देवी, अनुबाला आदि का कहना है कि आईपीएच विभाग 10 से 15 मिनट तक ही पानी छोड़ रहा है। इससे उन्हें पीने के लिए ही पर्याप्त पानी नसीब नहीं हो रहा है। लोगों का कहना है कि इस बारे में विभाग के कर्मचारियों से हर रोज पानी मुहैया करवाने की गुहार लगाई जा रही है। लेकिन उनके कान पर जूं तक नहीं रेंगती। उक्त लोगों का कहना है कि आईपीएच विभाग की ओर से यदि एक सप्ताह के भीतर पीने के पानी की सप्लाई रोजाना शुरू न की गई तो समस्त गांववासी खाली घड़े लेकर विभाग के कार्यालय का घेराव करेंगे।
कारणों का पता करवाएंगे
इस संदर्भ में आईपीएच विभाग राजा का तालाब के एसडीओ आरपी शर्मा का कहना है कि उक्त गांव की समस्या के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। यदि ऐसी कोई समस्या है तो कारणों का पता लगाकर गांव वासियों को पानी की किल्लत से निजात दिलाई जाएगी।
